
पीरबाबा उर्स में उमड़ा आस्था का जनसैलाब…
बाबा की शान में पढ़े, एक से बढ़कर एक कलाम,
सोमवार की रात मशहूर कव्वाल रईस अनीस साबरी देंगे प्रस्तुति
कटनी, यशभारत।

निवार नदी के तट पर स्थित हज़रत इत्रशाह दाता चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह पीरबाबा की दरगाह पर आयोजित उर्स मुबारक में इस वर्ष आस्था, अकीदत और कौमी एकता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। दूर-दूर से पहुंचे जायरीन और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से पूरा परिसर देर रात तक गुलजार रहा। रतजगे के दौरान सूफियाना कलामों और कव्वालियों ने ऐसा समां बांधा कि अकीदतमंद झूम उठे। बाबा की शान में एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए गए, जिनमें इश्क-ए-रसूल, मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम सुनाई दिया।
उर्स में मशहूर कव्वाल अमजद असद वारसी ब्रदर्स, स्थानीय कव्वाल पार्टियों एवं अन्य फनकारों द्वारा शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। “भर दो झोली”, “ताजदार-ए-हरम” सहित कई सूफियाना नगमों पर पूरी महफिल देर रात तक झूमती रही। कव्वालों ने बाबा की दरगाह पर चादर पेश कर देश और दुनिया में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी।
पीरबाबा उर्स एक बार फिर गंगा-जमुनी तहज़ीब और कौमी एकता की खूबसूरत मिसाल बनकर सामने आया। दरगाह के ठीक सामने स्थित राम दरबार, शिव परिवार और हनुमान मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही। सभी धर्मों के लोग एक साथ उर्स में शामिल होकर आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का संदेश देते नजर आए।
दरगाह एवं मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनियों से जगमगाता पूरा क्षेत्र लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वहीं उर्स मेले में आकर्षक झूले, चाट-पकौड़ी, खाने-पीने के स्टॉल और मीना बाजार में देर रात तक लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी मेले के साथ रूहानी माहौल का आनंद लेते नजर आए।
पीरबाबा के गद्दी नशीन हज़रत सैयद फ़हीम अशरफ़ साहब ने सभी के अमन-चैन, तरक्की और भाईचारे की दुआ की। आयोजन समिति के चेयरमैन तनवीर खान तन्नू ने बताया कि आज 11 मई को रात्रि 10 बजे से हिंदुस्तान के मशहूर कव्वाल रईस अनीस साबरी अपनी शानदार प्रस्तुति देंगे। उन्होंने सभी जायरीन और श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में शामिल होकर उर्स की रूहानी महफिल का हिस्सा बनने की अपील की है।







