कटनीमध्य प्रदेश

पत्नी को भगा ले जाने की बात पर हत्या, बाकल पुलिस ने 24 घन्टे में किया अंधे हत्याकांड का खुलासा

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कटनी, यश भारत। बाकल पुलिस ने 24 घन्टे में अंधे हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर संतोष डेहरिया, अनुभागीय पुलिस अधीक्षक स्लीमनाबाद श्रीमति आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बाकल प्रतीक्षा सिंह चंदेल के नेतृत्व में वारदात का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
पत्रकार वार्ता में एएसपी डॉ संतोष डेहरिया ने बताया कि 30 अगस्त को सूचनाकर्ता राजेश लोधी पिता अंतर सिंह लोधी की सूचना पर थाना बाकल में मर्ग कायम कर जांच में लिया गया ।
सूचनाकर्ता ने बताया कि ग्राम चनपुरा थाना बाकल में गणेश पंडाल के बाजू बने आंगनवाड़ी आरोग्य केंद्र में ग्राम कोटवार सीताराम वंशकार की लाश मिली है। थाना प्रभारी अपने स्टाफ के साथ घटना स्थल पहुंची जहां मृतक के शरीर में घसीटने के निशान व शरीर में नीलापन होने से मृतक की मृत्यु पर संदेह हुआ। मृतक सीताराम का परिवार जबलपुर होने से परिवार के कोई सदस्य नहीं मिले।ब
बाकल पुलिस ने स्थानीय अड़ोस पड़ोस व गणेश पंडाल में बैठे समिति सदस्य से पूछताछ की जिन्होंने कोई जवाब ना देकर ए कोटवार की मृत्यु कैसे हुई की जानकारी ना होना बताया गया । थाना बाकल पुलिस ने परस्थिति जन्य व घटना स्थल से प्राप्त साक्ष्य के आधार पर मुखबिर तंत्र व साइबर की मदद से संदेहियों के बारे में पता किया। जो सफलता नहीं मिली। शव को पीएम हेतु बहोरीबंद अस्पताल भेजा गया जहां पीएम कराया गया जहां मृतक के आंतरिक शरीर में चोट, खून के धब्बे, रीढ़ की हड्डी टूटना पाए जाने से अज्ञात आरोपी के विरुद्ध 31 अगस्त को थाना बाकल में धारा 103 बीएनएसे हत्या का मामला दर्ज कर संदेहियों की तलाश शुरू की गई। मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि कोटवार की मृत्यु से एक दिन पहले गांव के मनीष पटेल व उसके पिता अमर सिंह पटेल से कोटवार का वाद विवाद हुआ है। संदेही मनीष पटेल को घर से उठाया गया। जिससे सबूत के आधार पर पूछताछ करने पर जुर्म स्वीकार किया लेकिन पिता का नाम नहीं बताया किंतु घटना स्थल से अन्य सबूत पाए जाने से पिता अमर सिंह को जिला पन्ना से लाया गया पृथक से पूछताछ करने पर बेटे मनीष लोधी और अमर सिंह ने कोटवार सीताराम के साथ मारपीट करना स्वीकार किया। दोनों आरोपी ने अपने बताया कि मेरा दोस्त जीवन वंशकार जो कोटवार सीताराम वंशकार का नाती था साथ में रहता था। मेरे अच्छा दोस्त था साथ रहता। घर आता जाता था राखी के दूसरे दिन कजलियों के दिन मेरी पत्नी को लेकर कहीं भाग गया। जिससे मैं बहुत दिन से ढूंढ रहा हु लेकिन नहीं मिला है। कोटवार सीताराम भी नहीं बता रहा था दिनांक 29/08/25 को भी हमारा विवाद इसी बात को लेकर हुआ जहां मनीष पटेल और पिता अमर सिंह पटेल ने कोटवार को उसके कमरे के दरवाजे को लात से मार कर खोला जिससे कोटवार को आंख में लगी और जमीन पर गिर गया, घटना स्थल के दरवाजे पर आरोपी के पैर के निशान पाए गए, कोटवार को हाथ पकड़ घसीटा जिससे शरीर में घसीट के निशान है और बाहर सीसी रोड में निकालकर मारा जहां कोटवार की हाथ घड़ी टूटी मिली थी। पिता अमर सिंह ने बांस के बेत से मारा जिससे वो टूट गई थी जो घटना स्थल से प्राप्त हुई थी। बाद में हाथ मुक्के से उसके दाहिने कमर में मारा जिससे पसली टूटी हुई थी । मनीष पटेल घर में छुपा बैठा था व अमर सिंह अपने ससुराल जिला पन्ना भाग गया था जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

इनकी रही सराहनीय भूमिका

विशेष भूमिका थाना बाकल प्रभारी प्रतीक्षा सिंह चंदेल, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट अखिलेश प्यासी, प्रधान आरक्षक शिव सिंह, प्रधान आरक्षक अवधेश मिश्रा, आरक्षक राजभान, सूरलाल, अंकित अन्य स्टाफ साइबर सेल आरक्षक प्रशांत की सराहनीय भूमिका निभाई।

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