ग्वालियरमध्य प्रदेश

न दवा- न आॅक्सीजन, कब सांसों की डोर टूट जाए पता नहीं

ग्वालियर
मरीजों की संख्या देखें तो बीते 10 दिनों के अंदर दोगुनी हो गई है। इसके साथ ही लगातार संक्रमित मरीजों की डेथ भी हो रही है, लेकिन सरकार आंकड़ें छिपा रही है। मरीजों को अस्पतालों में जगह तो मिल ही नहीं रही है। जीवन रक्षक दवाएं भी नहीं मिल  रही हैं।

जीवन रक्षक दवाओं और आॅक्सीजन की किल्लत भी बढ़ रही है लेकिन सरकार दावा कर रही है कि कहीं कोई दिक्कत नहीं है। प्रदेश में सबसे ज्यादा दिक्कत कोरोना मरीजों को लगने वाली रेमडेसिवीर इंजेक्शन की है। किल्लत के बाद अब शासकीय स्तर पर खरीद की गई है। हालांकि कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सख्त जरूरतवाले मरीज के इलाज के लिए रेमडिसीवर इंजेक्शन के लिए एक व्हाट्स एप नंबर जारी किया है।

सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन जगहों को लॉक किया गया है, वह लॉकडाउन नहीं है। उन जगहों पर कोरोना कर्फ्यू लगाया गया है। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए ऐसी व्यवस्था की गई है। लॉकडाउन लागू नहीं किया जाएगा। ग्वालियर में कोरोना कर्फ्यू लागू है। इस दौरान पुलिस-प्रशासन की तरफ से सख्ती भी बरती जा रही है। बेवजह घरों से निकलने वाले लोगों पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं मजदूर एक बार फिर पलायन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

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