“नारी शक्ति वंदन” बनेगा जनआंदोलन, गांव-शहर तक पहुंचेगा अभियान
25 अप्रैल तक पखवाड़ा, अंबेडकर जयंती पर विशेष ग्राम सभाओं के जरिए महिलाओं के अधिकारों पर होगा संवाद

“नारी शक्ति वंदन” बनेगा जनआंदोलन, गांव-शहर तक पहुंचेगा अभियान
25 अप्रैल तक पखवाड़ा, अंबेडकर जयंती पर विशेष ग्राम सभाओं के जरिए महिलाओं के अधिकारों पर होगा संवाद
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“जब समाज के सभी वर्ग मिलकर महिलाओं के अधिकार और सम्मान को लेकर जागरूक होंगे, तभी वास्तविक बदलाव संभव होगा। यही कारण है कि इस पखवाड़े को एक व्यापक सामाजिक अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है”
कटनी,यशभारत। जिले में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के लिए प्रशासन ने “नारी शक्ति वंदन” पखवाड़े को जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी कर ली है। 25 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान के जरिए गांव से लेकर शहर तक आम नागरिकों को “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” की जानकारी दी जाएगी और महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस पखवाड़े को केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए जनभागीदारी के साथ उत्सव के रूप में मनाया जाए। इसी के तहत विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि अभियान का प्रभाव हर वर्ग तक पहुंचे।
अभियान के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा “नारी शक्ति पदयात्रा” निकाली जाएगी, जिसमें समाज की प्रबुद्ध महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, युवाओं को जोड़ने के लिए “नारी शक्ति वंदन दीवार” तैयार की जाएगी, जहां युवा पेंटिंग और संदेशों के माध्यम से अपने विचार व्यक्त करेंगे।
इस पखवाड़े का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव 14 अप्रैल को मनाई जाने वाली अंबेडकर जयंती होगी। इस अवसर पर जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों के साथ महिला अधिकारों और कानूनों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
अभियान को डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है। सोशल मीडिया के माध्यम से प्रेरक वीडियो और संदेश प्रसारित किए जाएंगे। साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों, ‘लखपति दीदी’ और ‘लाड़ली बहना’ जैसी योजनाओं से जुड़ी महिलाओं को इस अभियान का चेहरा बनाकर उनकी सफलता की कहानियों को सामने लाया जाएगा।
शैक्षणिक संस्थानों में भी इस विषय को प्रमुखता दी जाएगी। स्कूल और कॉलेजों में व्याख्यान, गोष्ठियां और प्रतियोगिताएं आयोजित कर युवाओं को महिला सशक्तिकरण के सामाजिक और कानूनी पहलुओं से अवगत कराया जाएगा।






