नशे के सौदागरों पर गिरेगी गाज, अवैध कमाई से बनी संपत्ति होगी कुर्क: एसपी ,अपराधियों पर प्रहार और समाज में जागरूकता की दो-सूत्रीय रणनीति तैयार

जबलपुर । नारकोटिक्स ड्रग्स की समस्या को जड़ से खत्म करने और देश को नशा मुक्त बनाने के संकल्प के साथ जबलपुर पुलिस अब बड़े एक्शन की तैयारी में है। पुलिस महानिदेशक, मध्य प्रदेश के निर्देशों के पालन में, पुलिस कप्तान सम्पत उपाध्याय ने शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम में सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। एसपी सम्पत उपाध्याय ने बैठक में स्पष्ट किया कि एन.डी.पी.एस. एक्टएक बेहद कठोर कानून है। उन्होंने निर्देश दिए कि जांच के दौरान सभी कानूनी प्रक्रियाओं और सुरक्षा उपायों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए ताकि अपराधियों को किसी भी सूरत में राहत न मिले।
जागरूकता पर विशेष जोर-पुलिस कप्तान ने नशे से दूरी है जरूरी अभियान के तहत युवाओं को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशे के खिलाफ दो-सूत्रीय रणनीति अपनाई जाए—एक तरफ अपराधियों पर सख्त कानूनी प्रहार और दूसरी तरफ समाज में व्यापक जन-जागरूकता। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) जितेन्द्र सिंह, एएसपी जोन-2 सुश्री पल्लवी शुक्ला, एएसपी (यातायात) अंजना तिवारी सहित जिले के समस्त थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
इन बिंदुओं पर केंद्रित रहेगा एक्शन प्लान
– ड्रग हॉट स्पॉट की जानकारी-
-बिचौलियों एवं वितरण चौनलों को चिन्हित करना
– ड्रग रूट को चिन्हित करना
– जिला एवं थाना स्तर पर मादक पदार्थो का व्यवसाय करने वाले आदतन अपराधियों एवं तस्करों का रजिस्टर संधारित करना
– चिन्हित किंगपिन एवं एनडीपीएस के आदतन अपराधियों के विरुद्द निरंतर प्रभावी कार्यवाही ,
– अवैध ड्रग से अर्जित संपत्ति को चिन्हित करके संबद्ध करवाना
– पिट एनडीपीएस एक्ट 1988 के तहत कार्यवाही करना
– बिचौलिये और ड्रग नेटवर्क के विरुद्ध सख्त एवं प्रभावी कार्यवाही करना
– जप्त मादक पदार्थ के स्त्रोत तथा गतव्य के बारे मे साक्ष्य संकलित कर शीर्ष अपराधी तक पहुंचना
– नशे से दूरी है जरूरी अभियान चलाना
– नशे के आदी व्यक्तियों की काउंसलिंग करना







