मध्य प्रदेशराज्य

नर्स कोरोना पॉजिटिव महिला से बोली- आप चंद दिनों की मेहमान, दूसरे दिन मरीज ने तोड़ा दम

ग्वालियर. मध्‍य प्रदेश में कोरोना वायरस का कहर बरपा रहा है और ग्वालियर (Gwalior) भी इसका प्रकोप झेल रहा है. इस बीच ग्वालियर के बिरला अस्पताल (Birla Hospital) से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. दरअसल बिरला अस्पताल की नर्स चंद्रा बघेल ने शुक्रवार को इंजेक्शन लगाते हुए कोरोना महिला मरीज वंदना अग्रवाल (Corona Patient Vandana Aggarwal) से कहा कि आप तो बस चंद दिनों की मेहमान हैं और अगले ही दिन (शनिवार) महिला ने दम तोड़ दिया.

इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया.यही नहीं, कोरोना मरीज का इलाज करने के बाबत अस्पताल प्रबंधन ने साढ़े 6 लाख रुपये का बिल थमाया. परिजनों के हंगामे की खबर लगते ही कांग्रेस विधायक मौके पर पहुंचे और पूरा मामला प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया.

नर्स बर्खास्त, कलेक्‍टर ने दिया ये आदेश

हंगामे के बाद अस्पताल प्रबंधन ने नर्स चंद्रा बघेल को बर्खास्त कर दिया है. वहीं, ग्‍वालियर के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मृतक महिला के इलाज में वसूले गए साढ़े छह लाख रुपए भी निजी अस्पताल से पीड़ित परिवार को वापस करा दिए हैं.

नर्स कोविड मरी से बोली- आप चंद दिनों की मेहमान है…

ग्वालियर के बिरला अस्पताल में वंदना अग्रवाल नाम की महिला को कोविड-पॉजिटिव होने पर 24 अप्रैल को भर्ती कराया गया था और उनका आईसीयू में इलाज चल रहा था. शुक्रवार को अस्पताल की नर्स चंद्र बघेल कोरोना मरीज को इंजेक्शन लगाने पहुंची. वंदना ने जब उसकी सेहत के बारे में पूछा तो नर्स ने वंदना से कहा कि आप तो बस चंद दिनों की मेहमान हैं. इस पर वंदना ने कहा कि ऐसा नहीं है मैंने तो अपना व्हाट्सएप भी बंद कर दिया है, नेट बंद कर दिया है. बुरी बुरी खबरें मिलती हैं. इंजेक्शन लगाने के दौरान नर्स और वंदना अग्रवाल के बीच हुई इस बातचीत को सामने वाले मरीज ने मोबाइल में कैद कर लिया. इसके बाद शनिवार दोपहर वंदना अग्रवाल की मौत हो गई. अस्पताल प्रबंधन ने वंदना अग्रवाल की मौत के बाद उनके परिजनों को साढ़े छह लाख रुपये का बिल थमा दिया और भुगतान करने के बाद ही शव देने की बात कही. इसी दौरान नर्स और वंदना की बातचीत का वीडियो वंदना के परिवार वालों को मिल गया.

वीडियो देखने के बाद गुस्साए वंदना के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया. दरअसल परिवार वालों का आरोप था कि वंदना के पति सुरेंद्र अग्रवाल का भी इलाज इसी अस्पताल में हुआ था. 28 अप्रैल को अस्पताल प्रबंधन ने ठीक होने का दावा करते हुए डिस्चार्ज कर दिया था, लेकिन घर पहुंचते ही सुरेंद्र अग्रवाल की मौत हो गई थी. परिवार वालों ने नर्स के खिलाफ कार्रवाई और प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.

विधायक पहुंचे अस्‍पताल और फिर…

घटना की खबर लगते ही क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार मौके पर पहुंचे. उन्‍होंने अस्पताल प्रबंधन को जमकर फटकार लगाई. साथ ही अधिकारियों को भी मामले की खबर दी. जानकारी मिलने पर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने दोषियों के खिलाफएफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही कलेक्टर की फटकार पर बिरला अस्पताल प्रबंधन ने मृतक सुरेंद्र अग्रवाल और उनकी पत्नी वंदना अग्रवाल के इलाज के लिए वसूले गए साढ़े छह लाख रुपये चेक के जरिए वापस कराए हैं.

अस्‍पताल प्रबंधन ने कही ये बात

बिरला अस्पताल के जनरल मैनेजर गोविंद देवड़ा का कहना है कि मृतिका वंदना को अन्य समस्याएं भी थीं. उनका इलाज कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया गया. नर्स ने जो गैर जिम्मेदाराना व्यवहार किया उसके लिए उसे बर्खास्त कर दिया गया. साथ ही कहा कि इलाज में लापरवाही के आरोप निराधार है

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button