जबलपुरमध्य प्रदेश

नकली इंजेक्शन का काला कारोबार: लेखापाल पर दबाब बनाकर मरीजों के बिल बदले

नकली इंजेक्शन में इस्तेममाल हुई कार होगी जप्त, तिलवारा भी जाएगी पुलिस

जबलपुर, यशभारत। नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के काला कारोबार करने वाले सिटी अस्पताल के संचालक सरबजीत सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। एसआईटी टीम पुख्ता प्रमाण एकत्रित करने के लिए कड़ी दर कड़ी साक्ष्य जुटा रही है। ताजा मामला अस्पताल के लेखापाल से जुड़ा है। दरअसल सरबजीत सिंह मोखा ने लेखापाल अरुण बागल पर दबाब बनाकर मरीजों के बिल बदले हैं। बिलों में हेरफेर करते हुए रेमडेसिविर इंजेक्शन को अलग कर नए बिल बनाए गए हैं।

इधर मोखा के फरार बेटे हरकरण सिंह की लोकेशन लगातार पुलिस तालाश कर रही है। यहां तक कि उसकी ससुराल दिल्ली में भी एसआईटी की टीम पहुंची थी पर हरकरण वहां नहीं मिला

बताया जा रहा है कि सरबजीत सिंह मोखा को जब यह जानकारी लगी कि उक्त रेमडेसिविर इंजेक्शन नकली हैं और इसे मुहैया कराने वाला सपन पकड़ा गया है तो उसने तत्काल अपने अस्पताल में एकाउंट शाखा में कार्यरत एक कर्मी अरूप से कहकर इंजेक्शन से संबंधित डाटा को डिलीट करवा दिया था। इसके बाद एसआईटी ने उक्त हार्डडिस्क को भी जब्त किया है।

दस्तावेजों में हेरफेर करने पर बढ़ाई गई धारा
एसआईटी ने सिटी अस्पताल के एकाउंटेंट अरुण बागल से पूछताछ में हुए खुलासे के बाद प्रकरण में धारा 420 के बाद 465, 467, 468 भी बढ़ा दी है। मोखा ने अरुण को धमकी देकर पुराने बिल को डिलिट कर फर्जी बिल बनावाए थे। नए फर्जी बिल में उसने रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाने का जिक्र ही नहीं किया था।

इंजेक्शन की खोज तिलवारा में होगी
बताया जा रहा है कि एसआईटी तिलवारा के अंदर फेंके गए इंजेक्शनों की जांच करेगी। इसके लिए एक टीम पानी में उतरकर इंजेक्शनों का पता करेगी। इधर एसआईटी ने कहा कि हरकरण को पनाह देने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है, किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।

कार होगी जप्त, राकेश शर्मा से पूछताछ करेगी एसआईटी
इस पूरे प्रकरण में सरबजीत सिंह मोखा के राजदार राकेश शर्मा की भूमिका अहम मानी जा रही है। कहा जा रहा है कि आई 20 कार से नकली इंजेक्शनों का कारोबार किया जाता था। एसआईटी टीम उस कार को जप्त कर आरोपी राकेश शर्मा से भी पूछताछ करेगी।

दस्तावेज खंगालने में जुटी एसआईटी
एसआईटी की टीम लगातार दस्तावेज खंगालने में जुटी है। वहीं, भोपाल से आए एक्सपर्ट टीम भी कम्प्यूटर में दर्ज रिकॉर्ड खंगाल चुकी है। कम्प्यूटर में दर्ज बिलों में कई तरह के हेरफेर किए जाने की पुष्टि हुई है। पता चला है, इन बिलों को संशोधित किया गया है। अस्पताल के अकाउंटेंट से पूछताछ में भी इसकी पुष्टि हो चुकी है।

गुजरात जाने की तैयारी में एसआइटी
एसआइटी की टीम को गुजरात भेजने की तैयारी है। नकली इंजेक्शन बनाने वाले सूरत निवासी पुनीत शाह व कोशल वोरा के खिलाफ कोर्ट ने प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिया है। सपन जैन का प्रोडक्शन वारंट पहले ही जारी हो चुकी है। तीनों को एक साथ जबलपुर लाकर मोखा को रिमांड पर लेकर आमने-सामने की पूछताछ की तैयारी में एसआईटी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button