जबलपुरमध्य प्रदेश

नकली इंजेक्शन कांड: मोखा के पनाहगारों की एसआईटी बनाएगी सूची

गुजरात पुलिस के आते ही मोखा की पत्नी, मैनेजर और देवेश चौरसिया को फिर लाएगा रिमांड में

जबलपुर, यशभारत। नकली इंजेक्शन मामले के आरोपी सिटी अस्पताल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा की मदद करने वाले, पनाहगारों की अब एसआईटी सूची बनाएगी। उनसे भी अलग-अलग तरीके से पूछताछ होगी। इधर मोखा की पत्नी और मैनेजर की रिमांड खत्म होने के बाद जेल भेज दिया गया है। एसआईटी टीम का कहना है कि गुजरात पुलिस के आते ही मोखा की पत्नी, मैनेजर और देवेश चौरसिया को फिर रिमांड में लिया जाएगा। इस मामले में गुजरात पुलिस पूछताछ करेगी।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने बताया कि नकली इंजेक्शन मामले में एसआईटी टीम की जांच जारी है। हर पहलु पर जांच हो रही है, फरार चल रहे मोखा के बड़े बेटे की तालाश को लेकर एसआईटी की टीम शहर से लेकर अन्य जिलों में दबिश दे रही है। फरार बेटे और मोखा को सरंक्षण देने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। हो सकता है कि ऐसे लोगों की सूची तैयार की जाए। फिलहाल इस केस में फरार चल रहे मोखा के बेटे को गिरफ्तार करना है, क्योंकि बेटे के गिरफ्तार होते ही नए खुलासे होेंगे।

रिमांड पूरी होने पर भेजा जेल
इस मामले में मोखा की पत्नी जसमीत व मैनेजर सोनिया खत्री शुक्ला की गिरफ्तारी होने के बाद गुरुवार 20 मई तक रिमांड पर लिया गया था। इस दौरान दोनों के पास से 3 मोबाइल, 2 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद किए गये थे। वहीं पूछताछ के बाद नकली इंजेक्शन की खाली शीशियाँ व अन्य दस्तावेज आदि जब्त किए
गये हैं।

सपन और सुनील के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी
इस मामले में गुजरात पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गये जबलपुर के दवा सप्लायर सपन जैन व मुख्य आरोपी फैक्ट्री कर्मी रीवा निवासी सुनील मिश्रा को जबलपुर लाने के लिए न्यायालय द्वारा प्रोडक्शन वारंट जारी किया गया है। वारंट जारी होते ही एक टीम को गुजरात रवाना किया है।

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