मंडला lनगरीय निकाय मंडला की ग्रीन बेल्ट की जमीन भी अब सुरक्षित नहीं बची है। आरोप है कि नगरीय निकाय के द्वारा ग्रीन बेल्ट की जमीन पर लगे पुराने विशाल पेड़ो को काट दिया गया है। कई सालो पहले बना फव्वारा को भी तोड़ दिया है। एक ओर बाऊड्रीबॉल को तोड़कर दुकानो का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसके साथ अमृत 2.0 के तहत पेयजल टंकी निर्माण करने की तैयारी है। निकाय के द्वारा मनमानी से निर्माण कार्य किए जा रहे है। इसको लेकर नपा परिषद पार्षदो के द्वारा विरोध के स्वर नहीं फूट रहे और ना ही जिला प्रशासन के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बताया गया है कि नगरीय निकाय मंडला के द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए कोई काम नहीं किया गया है। यहां चौबीस वार्डो में नपा के सिर्फ दो पार्क है। जिसमें पेड़ कम पौधे व झाडिय़ा अधिक लगे हुए। थोड़ी बहुत हरियाली सड़क किनारे लगे फल व छायादार पेड़े से रही है। जिसे नगर पालिका ने सड़क चौड़ीकरण के लिए बर्बाद कर दिया। नगर पालिका ने सबसे पहले पड़ाव सड़क के दोनो के पेड़ काटे, इसके बाद बड़ चौराहा से लेकर नेहरू स्मारक और महाराजपुर की मुख्य सड़क किनारे पेड़ो का कत्लेआम किया। एक मात्र शेष रह गई ग्रीन बेल्ट की जमीन जो नपा के टाऊन के सामने है। उस पर भी नपा के द्वारा ही निर्माण किए जा रहे है। यहां स्टेडियम की ओर सड़क किनारे बाऊड्रीबॉल को तोड़कर करोड़ो की लागत से दुकानो का निर्माण किया जा रहा है। बेल्ट की जमीन पर अमृत 2.0 के तहत पेयजल टंकी का निर्माण करने की तैयारी है। इन निर्माण कार्यो के चलते ग्रीन बेल्ट की जमीन ही नहीं रहेगी। जो नियम विरूद्व है। इसको लेकर नगर पालिका परिषद के सदस्य व पार्षद तक विरोध करने को तैयार नहीं है।
नियमो विरूद्व निर्माण कार्य
नपा ग्रीन बेल्ट के लिए चिह्नित जमीन पर ही पेयजल टंकी का निर्माण कर रही है। इसके लिए टेंडर भी हो गया है। जो कि एनजीटी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल नियम के खिलाफ है। यदि ग्रीन बोल्ट घोषित क्षेत्र में नपा निर्माण कार्य करेगी तो उस पर कार्रवाई की तलवार चल सकती है। ग्रीन बेल्ट या हरित पट्टी शहरी क्षेत्र की ऐसी संरक्षित भूमि होती है जहां विकास व निर्माण पर प्रतिबंध हैं। ग्रीन बेल्ट हवा की गुणवत्ता सुधारने, प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जिसका उल्लंघन करने से पर्यावरण को नुकसान होता है।
परिषद कर चुकी विरोध
बताया गया है कि नगर पालिका परिषद मंडला वर्ष 2013 से 2017 के कार्यकाल के बीच नपा टाऊन हॉल के सामने ग्रीन बेल्ट की जमीन पर निर्माण कार्यो का प्रस्ताव लाया गया था। यहां नगर पालिका परिषद के पार्षदो के द्वारा विरोध किया था कि नगरीय निकाय क्षेत्र का विस्तार हो रहा है। निकाय कार्यालय परिसर के पास बहुत कम जमीन है। यह ग्रीन बेल्ट के लिए सरंक्षित है। भविष्य में नगर पालिका को ही जमीन की आवश्यकता होगी। पार्षदो के विरोध के चलते ग्रीन बेल्ट जमीन की बाऊउ्रीबॉल को ही तोड़ा, कुछ पेड़ो को काटा गया। निर्माण कार्य नहीं किया गया लेकिन अब फिर से नपा ने प्रस्ताव बनाकर निर्माण कार्य करने की तैयारी कर ली है।
इन स्थानों पर दुकानों का निर्माण हो जाने के बाद यातायात व्यवस्था में भारी समस्या बढ़ जाएगी।वैसे भी यह मार्ग व्यस्ततम सड़क मार्ग है। दुकानों के मालिकों और ग्राहकों के वाहन खड़े करने के लिए सड़क के किनारे पर्याप्त जगह भी नहीं है। पार्किंग की अव्यवस्थाओं का दंश झेल रहे वाहनों के लिए नगरपालिका परिषद व्यवस्थित पार्किंग का इंतजाम करने की ओर तो कोई कार्यवाही कर नहीं रही है।जिससे सड़क पर वाहन चालकों के साथ-साथ राहगीरों को भी संभावित दुर्घटना का डर बना रहेगा।
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