जबलपुरमध्य प्रदेशराज्य

तेज आंधी पानी ने बरपाया कहर: फसलों को नुकसान

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नरसिंहपुर यशभारत। अचानक मौसम में बदलाव के कारण शहर में तेज आंधी तूफान के साथ भारी बारिश हुई। अचानक हुई बारिश ने लोगों को बाधित कर दिया है। तेज हवाओं के साथ आये पानी के चलते दुकानदारों का नुकसान हो गया। लगभग पौने घंटे तक बरसे पानी नगर को जलमग्न कर दिया।

 

जानकारी के अनुसार तेज आंधी के साथ पानी आने के कारण नागरिकों, दुकानदारों, मोटर साइकिल चालकों को अच्छी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं के चलते धूल के गुब्बार वाहन चालकों के आंखों में लगने से वाहन चलाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं अचानक झमाझम बरसात होने से दुकानदारों का बाहर रखा सामान पानी में खराब हो गया।

खेत में पककर खड़ी फसलों को हुआ नुकसान

कल शाम हुई तेज बारिश व आंधी तूफान के चलते खेत में पककर खड़ी गेहूं, चना व आम की मोरों को नुकसान हुआ है। तेज हवाओं के चलते फसल आड़ी हो गयी। वहीं तेज हवाओं व पानी के कारण आम की मोरों को भी नुकसान हुआ है। लगभग पौने घंटे तक हुई बारिश ने अपना कहर बरपा दिया।

तेज आंधी में उड़े कच्चे मकानों टीन शेड

तेज आंधी के चलते जिले में कई कच्चे मकानों सहित छोटो दुकानों में लगे टीन तेज आंधी अपने साथ उड़ाकर ले गयी, और पानी सीधे उनके घरों में प्रवेश कर गया, जिससे घर के अंदर रखी सामग्री पानी में खराब हो गयी। वहीं नगर में कई जगह भवन निर्माण का कार्य चल रहा है अचानक आये पानी के चलते वह सीमेंट उठा नही पाये और पानी में सीमेंट खराब हो गया।

छाया रहा घना कोहरा

आज बुधवार को सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा, वाहन चालक अपने-अपने वाहनों के लाईट दिन में चलाते नजर आये।

सुबह लगभग 10 बजे तक कोहरा शहर में छाया रहा। ओस की फुररी चलने से भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

झमाझम बारिश के साथ गिरे ओले

तेंदूखेड़ा में भी मंगलवार की शाम को लगभग छ: बजे अचानक देखते ही देखते मौसम का मिजाज बिगड़ गया और तेज बारिस के साथ साथ ओलों की वारिस शुरू हो गई ।

 

विनोली आकार के ओले दो तीन मिनिट तक अनवरत जारी रहे। गौरतलब रहे कि किसानों के खेतों में चना बटरी तेवड़ा गेहूं की फसल लगभग खड़ी हुई है और ऐसी स्थिति में ओलों पानी से फसलें बर्बाद हो सकती है। वैसे भी मसूर बटरी तेवड़ा की उपज विभिन्न रोगों से ग्रसित होने के कारण लगभग बर्बाद हो चुकी है।

 

आस पास ग्रामीण क्षेत्रों में भी ओले पानी गिरने के समाचार मिले हैं। अचानक की यह वारिस किसानों को किसी आफत से कम नहीं है। फसलें खेतों में कटी पड़ी रहनें से निश्चित तौर पर मौसम साफ होने तक उन्हें फिर दाने काले पडऩे जैसी विभिन्न विसंगतियों से जूझना पड़ सकता है। इस बार किसान बुरी तरह से प्रभावित बना हुआ है।

 

पहले लालिया माहू ने मसूर जैसी फसल को निगल लिया वहीं तेवड़ा और बटरी की फसलों में अपेक्षित उपज ना निकलने एक एकड़ में एक से दो बोरा उपज निकलने के साथ साथ चना की पुसल उतनी स्वस्थ नहीं रही जितनी होनी चाहिए थी। विभिन्न प्रकार की कीटनाशक दवाओं को माध्यम से उसे बचा तो लिया है लेकिन उपज ठीक तरह से निकल नहीं रही है।

 

अचानक की वारिस और विनोली आकार के ओले गेंहू की फसल को भी प्रभावित करेंगे। जिन किसानों के खेतों में गन्ना काटे जाने का काम चल रहा था वह भी कुछ दिनों के लिए प्रभावित हो जायेगा। मौसम जानकारों की मानी तो अभी दो-तीन दिन मौसम ऐसे ही शुष्क बना रहेगा। वहीं कहीं-कहीं पानी गिरने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

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