सिवनी यश भारत:-सिवनी जिला जेल की दीवार फांदकर फरार हुए तीन विचाराधीन कैदियों की वापसी के बाद जेल प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए तीनों कैदियों से मुलाकात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही सुरक्षा कारणों को देखते हुए उन्हें जल्द ही अलग-अलग जेलों में शिफ्ट किए जाने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल इस पूरे मामले में विभागीय और पुलिस जांच जारी है।
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों जिला जेल की दीवार फांदकर विचाराधीन कैदी विजय लज्जेवार, अंकित श्रीवास और विशाल वारसागढ़े फरार हो गए थे। हालांकि अगले ही दिन तीनों कैदियों को उनके परिजनों द्वारा जेल वापस सौंप दिया गया था। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इसके बाद से ही जेल प्रशासन अलर्ट मोड में है।
जेल प्रशासन ने तीनों कैदियों को अलग-अलग बैरकों में रखा है और उनसे किसी भी प्रकार की मुलाकात पर रोक लगा दी गई है। अब न तो परिजन और न ही कोई मित्र उनसे मुलाकात कर सकेगा। जेल अधिकारियों का कहना है कि यह कदम जांच की निष्पक्षता और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इधर, जेल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है और रात्रिकालीन सुरक्षा में भी इजाफा किया गया है। जेल के अंदर मौजूद पेड़ों की टहनियों की छंटनी की जा रही है ताकि कोई कैदी उनका सहारा लेकर दीवार तक न पहुंच सके। वहीं, नालियों पर लगी जालियों को बदला जा रहा है और बड़ी दीवारों से सटी छोटी दीवारों की ऊंचाई को कम किया जा रहा है।
इसके अलावा बैरकों की नियमित जांच की जा रही है और सुरक्षा से जुड़े सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जेल प्रशासन का उद्देश्य भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को पूरी तरह रोकना है।
जिला जेल सिवनी के जेलर अजय कुमार वर्मा ने बताया कि तीनों कैदियों को सुरक्षा कारणों से दूसरी जेलों में शिफ्ट किए जाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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