विदेश

चीनी के एक एक दाने के लिए तरस रही पाकिस्तान की जनता, खरीदने के लिए लंबी लंबी कतारे

 इस्लामाबाद
इमरान खान ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए और फजीहत से बचने के लिए भारत से चीनी और कपास खरीदने से इनकार तो कर दिया मगर इसकी कीमत पाकिस्तानी अवाम को चुकानी पड़ रही है। पाकिस्तान की जनता फकत चीनी के एक एक दाने के लिए तरस रही है। पाकिस्तान में आप जहां भी जाएंगे, जिस भी प्रांत में जाएंगे, जिस भी जिले में जाएंगे, आप चीनी लेने वालों की लंबी लंबी लाइने देखेंगे। पाकिस्तान की दुर्गति का आलम देखिए कि जिस शख्स को चीनी मिल जाती है, उसके अंगूठे पर स्याही का निशान लगाया जाता है। वैसा ही स्याही का निशान जो भारत जैसे देशों में चुनाव के बाद आपके हाथों में वोट डालने के बाद लगाया जाता है। यानि, पाकस्तान में किसे चीनी मिली है और किसे नहीं, इसका पता उसके अंगूठे पर लगे स्याही के निशान से लगाया जा रहा है। 

चीनी के लिए लंबी कतारे एक तरह पूरी दुनिया कोरोना वायरस से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रही है लेकिन पाकिस्तान में चीनी के लिए लोग लंबी लंबी कतारों में शामिल होने के लिए बाध्य हैं। पाकिस्तान में भी कोरोना वायरस लोगों को काफी परेशान कर रहा है लेकिन मजबूरी ऐसी है कि चीनी बिना घर में रसोई का काम नहीं चल सकता, लिहाजा लोगों को मजबूरी में कतारों में शामिल होना पड़ता है। पाक रमजान का महीना चल रहा है ऐसे में चीनी की जरूरत और भी ज्यादा बढ़ जाती है, ऐसे वक्त में चीनी लेने के लिए बाजारों में लंबी लंबी लाइनें लग रही हैं। पाकिस्तान में चीनी के दाम काफी ज्यादा बढ़ चुके हैं। इस वक्त पाकिस्तान के अलग अलग बाजारों में चीनी की कीमत 120 रुपये किलो से 150 रुपये किलो तक है। यानि, पाकिस्तानियों के लिए एक किलो चीनी खरीदना भी पेशानी पर पसीना लाने जैसा है।

इमरान खान सरकार फेल! 
झूठ की बुनियाद पर बना मुल्क पाकिस्तान शुरू से ही कट्टरपंथियों का अड्डा रहा है और पाकिस्तान हर बढ़ते दिन के साथ कट्टरपंथ के दलदल में और धंसता जा रहा है। पाकिस्तान में इस वक्त भी मजहबी उन्माद चरम पर है। फ्रांस के नाम पर पाकिस्तानी कट्टरपंथी लोगों का खून बहा रहे हैं। सोचिए, पूरी दुनिया में 52 मुस्लिम देश हैं और सिर्फ पाकिस्तान में फ्रांस के नाम पर हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। कहने का मतलब ये है कि इमरान खान सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है और गरीब जनता चीनी के एक एक दाने के लिए बाजारों में लाइन लगा रही है। पाकिस्तान में विपक्षी पार्टियों ने चीनी को लेकर इमरान खान सरकार की जमकर आलोचना की है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज ने इमरान खान सरकार की चीनी की कीमतों और लोगों की लंबी लाइनों के लिए जमकर कोसा है। विपक्ष के निशाने पर सरकार मरियम नवाज ने ट्विटर पर पाकिस्तान में चीनी के लिए लगने वाली लंबी लाइनों को लेकर एक तस्वीर शेयर किया है। जिसमें देखा जा रहा है कि लोग मायूस अवस्था में कतारबद्ध हैं। मरियम नवाज ने तस्वीर के साथ इमरान खान सरकार पर जमकर तंज कसा है। उन्होंने लिखा है कि 'लोग चीनी खरीदने के लिए लाइन में लगे हैं और हर चीनी लेने वालों के हाथ पर कई दिनों तक नहीं मिटने वाला स्याही लगाया जा रहा है। 

चीनी के लिए टेंडर पाकिस्तान की सरकारी ट्रेडिंग कंपनी टीसीपी ने इस महीने पहले हफ्ते में 50 हजार टन चीनी खरीदने का फैसला करते हुए ग्लोबल टेंडर जारी किया था। लेकिन, इस टेंडर में लिखा गया था कि चीनी का आयात भारत जैसे प्रतिबंधित देशों से नहीं किया जा सकता है। यानि, भारत के चीनी व्यापारी पाकिस्तान में टेंडर नहीं भर सकते हैं। लेकिन टेंडर भरने वाले देश चीनी बेचने के लिए इतना दाम बताते हैं कि पहले दो बार पाकिस्तान सरकार टेंडर रद्द कर चुकी है। इससे पहले भी 50-50 हजार टन चीनी खरीदने के लिए दो बार ग्लोबल टेंडर जारी किया गया था लेकिन उस टेंडर में इतनी ज्यादा ऊंची बोली लगाई गई थी कि पाकिस्तान को दोनों टेंडर रद्द करना पड़ा। पाकिस्तान के लिए उतनी ज्यादा ऊंची कीमत पर चीनी खरीदना गर्दन पर बोझ साबित होगा। इस वक्त पाकिस्तान में चीनी की कीमत 100 रुपये प्रति किलो से ज्यादा बिक रही है और अगर पाकिस्तान ऊंचे दाम पर चीनी खरीदता है तो फिर पाकिस्तान में चीनी और महंगी हो जाएगी।
 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button