जबलपुरमध्य प्रदेश

गैलेक्सी अस्पताल में 5 मरीजों की मौत का मामला: यशभारत की खबरों के बाद कमलनाथ ने घेरा सरकार को

ट्विट के माध्यम से कहा : 24 घंटे में होना थी जांच, 16 दिन बीत गए, मृतक के परिजन न्याय का इंतजार कर रहे 

जबलपुर यशभारत  । गैलेक्सी अस्पताल में 5 मरीजों की मौत के मामले की गंूज राजधानी तक पहुंच गई है। यश भारत द्वारा लगातार इस खबर का प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद अब प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस पूरे मामले में राज्य सरकार को घेरा है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्विट करते हुए सरकार से पूछा है कि जबलपुर के गैलेक्सी अस्पताल में 5 मरीजों की पिछले दिनों दुखद मौत हो गई थी। इस दौरान सरकार की तरफ से कहा गया था कि इस मामले की जांच 24 घंटे में पूरी हो जाएगी और दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी लेकिन 16 दिन बीत जाने के बाद भी इस मामले की जांच आज तक नहीं पूरी नहीं हुई।

यह एक गंभीर लापरवाही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गैलेक्सी अस्पताल में हुई घटना के बाद से ही मृतकों के परिजन न्याय मिलने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। विदित हो कि जबलपुर के गैलेक्सी हॉस्पिटल में आॅक्सीजन की कमी से 5 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई थी। जिससे पूरे जबलपुर में हड़कम्प की स्थिति निर्मित हो गई थी। इस पूरे मामले में गैलेक्सी अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई थी। 5 मरीजों की मौत के बाद सरकार की तरफ से इस मामले की जांच 24 घंटे में किए जाने की बात कही गई थी। यशभारत ने भी इस मुद्दे को लेकर लगातार प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की थी। जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने संज्ञान लेते हुए ट्विट के माध्यम से सरकार पर हमला बोला है। ट्विट में कहा गया है कि यह जानकारी भी सामने आयी है कि अस्पताल ने रेडक्रॉ सोसायटी के माध्यम से 25 लाख रुपये का दान भी दिया है।

यह संस्था सीधे कलेक्टर के दायरे में होती है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि जिस अस्पताल के खिलाफ 5 लोगों की मौत की जांच चल रही है, उससे यह दान राशि किन परिस्थितियों में व किस कारण से ली गई। जब सरकार ने व्यवस्था बना रखी है कि रेमडेसिविर इंजेक्शन सरकार के माध्यम से सीधे अस्पतालों को मिलेंगे तो फिर बाजार में इतनी बड़ी संख्या में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कैसे हो रही है। कालाबाजारी करने वालों को आखिर यह इंजेक्शन कहां से उपलब्ध हो रहे हैं। बाजार में नकली इंजेक्शन के द्वारा भी जरूरतमंद लोगों को ठगा जा रहा है। इन इंजेक्शनों का उपयोग कहां हुआ, इससे कोई जनहानि तो नहीं हुई, इसकी भी जांच होना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री के ट्विट के बाद अब सरकार क्या कदम उठाती है, इसका इंतजार किया जा रहा है।

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