छत्तीसगढ़राज्य

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को सिंहदेव ने आॅक्सीजन प्लांट और रेमडेसीविर के अबाध्य आयात समेत दिए अन्य सुझाव

रायपुर
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 11 राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ शनिवार को वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दिखाई गई प्रेजेंटेशन में प्रतिदिन आ रहे नये प्रकरणों की तुलना में स्वस्थ हो रहे मरीजों का अनुपात कम दिखाया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ की औसत दर 13.6 प्रतिशत देखी गई है इसके साथ ही जिलेवार समीक्षा में रायपुर की स्थिति शीर्ष 10 राज्यों में देखी जा रही है। इसके उपरांत 4 प्रमुख विषय आॅक्सीजन सप्लाई, रेमडेसीविर और वैक्सीनेशन के सम्बंध में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बताया गया कि 2 सप्ताह से केंद्रीय व राज्य की संस्थान द्वारा इन विषयों पर समीक्षा की जा रही है।

आॅक्सीजन के विषय में 15 अप्रैल को केंद्र द्वारा राज्यों को किन-किन प्लांटों से आॅक्सीजन मिलेगी यह बताया गया है इसके साथ ही गृह सचिव ने एक आदेश जारी कर बताया है कि आॅक्सीजन ले जा रहे सिलेंडर वाहन की राज्यों के बीच में अबाध्य मूवमेंट रहेगी जिसमें 30 अप्रैल तक आॅक्सीजन सिलेंडर भेजने की बात कही गई है। विगत वर्ष की तरह ही इस वर्ष भी 1 लाख आॅक्सीजन सिलेंडर उपार्जन केंद्र द्वारा किया जाना है, जिसके लिए 162 में से 32 आॅक्सीजन प्लांट शुरू कर दिए गए हैं। वैक्सीनेशन के संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कहा गया है कि वर्तमान समय में उत्पादन को देखते हुए हमें स्थिति में नहीं है कि राज्यों को ज्यादा दिनों के लिए वैक्सीन उपलब्ध करवा सकें इसीलिए टीकाकरण के अनुपात के हिसाब से राज्यों को वैक्सीन प्रदान की जा रही है एवं रेमडेसीविर की सप्लाई पर केंद्रीय मंत्रालय द्वारा बताया गया कि वर्तमान में 7 कंपनियां ऐसी हैं जो यह दवा बनाने के लिए लाइसेंस प्राप्त है, यह 7 कंपनियां 29 लाख इंजेक्शन बनाने की क्षमता रखती हैं लेकिन पिछले समय में कोरोना संक्रमण के मामलों में आई गिरावट को देखकर यह क्षमता घटा दी गई थी लेकिन अब अगले सप्ताह से इसे पुन: 29 लाख कर दिया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री  टीएस सिंहदेव में कहा कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान स्थिति चिंताजनक है, जिसमें यदि कल 16 अप्रैल को राज्य की औसत पॉजिटिविटी दर देखें तो लगभग 30 प्रतिशत है,  राज्य के 28 में से 13 जिलों में 20 प्रतिशत से कम है, 20 से 40 प्रतिशत पॉजिटिविटी दर सात जिलों में है, और 40 प्रतिशत से ऊपर 8 जिलों में है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में एक्टिव केस 1,24,000 हो चुके हैं, अभी  छत्तीसगढ़ में 130000 का अनुमान बताया गया है, यह 2 लाख के आसपास या 1.5 लाख तो पार करने के आसार दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि केंद्रीय आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में 90 प्रतिशत के आसपास होम आइसोलेशन है, हम 80 प्रतिशत को टारगेट लेकर चल रहे हैं, कि 80 प्रतिशत होम आइसोलेशन होगा तो 20 प्रतिशत आबादी के लिए प्रबंधन करना होगा, अर्थात 2 लाख की स्थिति आती है तो 40,000 कुल बिस्तर जिसमें आॅक्सिजनेटेड बेड भी होंगे। इसके साथ ही आईसीयू बिस्तरों की स्थिति चिंताजनक है, छत्तीसगढ़ लगभग 100 प्रतिशत आॅक्युपेंसी की स्थिति में है।

स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने आगे बताया कि वैक्सीनेशन में अभी तक तुलनात्मक बड़े राज्यों में छत्तीसगढ़ का परफॉर्मेंस ठीक रहा है, कल ही हिमांचल ने हमें ओवरटेक किया तो 14.6 के आसपास छत्तीसगढ़ की आबादी की वैक्सीनेशन प्रतिशतता है, 20 प्रतिशत टारगेटेड आबादी को वैक्सीनेट करने का लक्ष्य राज्य ने रखा है। इसके साथ ही उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि जिन राज्यों का वैक्सीनेशन प्रतिशत आबादी का 16 से 17 प्रतिशत से ऊपर पहुंच जा रहा है, उसमें 45 साल से नीचे का भी रिलैक्सेशन का प्रावधान देना चाहिए। उन्होंने मौजूदा उपलब्ध वैक्सीन का उल्लेख करते हुए बताया कि कोविशिल्ड की 4 लाख कल वैक्सीन आई और दो लाख कोवैक्सीन की भी आयीं हैं। इनका उपयोग हम लोग समुचित कर लेंगे लेकिन जमा आबादी प्रतिशतता को जो राज्य अर्जित कर रहे हैं उन्हें अगली कड़ी के आबादी की वैक्सीनेशन के तरफ बढ़ाने की अनुमति प्रदान करनी चाहिए क्योंकि दबाव बहुत ज्यादा है।

राज्य की ओर से आवश्यकताओं का उल्लेख करते हुए स्वास्थ मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि हम आभारी हैं कि आपने हमारे आॅक्सीजन जंबो सिलेंडर और छोटे सिलेंडर को संज्ञान में लेकर उपलब्ध कराने का निर्णय ले लिया है। आईसीयू बिस्तरों की कमी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि  200 प्रीफैबरीकेटेड यूनिट से 1000 प्रीफैबरीकेटेड यूनिट केंद्र सरकार उपलब्ध करवाने पर विचार करे। जिससे कम से कम समय में आईसीयू के बिस्तरों का हम निर्माण कर सकें। इसके साथ ही जीएसटी के रिलैक्सेशन की बात पर टी एस सिंहदेव जी ने कहा कि हो सकता है यह जीएसटी काउंसिल का मुद्दा हो लेकिन इसमें भी पहल करने का आवश्यकता है। जीएसटी काउंसिल की बैठक 6 महीने से ऊपर हो गया है अभी तक नहीं हो पाई है।

 इसके साथ ही अलग-अलग वस्तुओं के दाम को यदि कैप किया जा सकता है तो उनको कैप करने की आवश्यकता है, रेमडेसीविर का देते हुए उन्होंने बताया कि हम देखते हैं तो 899 से लेकर 5000 से ऊपर के दाम है तो ऐसी वेरिएशन के दाम को हम लोग समझ भी नहीं पाते और क्या इसमें कैपिंग हो सकती है। इसके बाद वेंटिलेटर के साथ बाईपाइप यूनिट,आॅक्सीजन कंसंट्रेटर 10 लीटर या उससे ऊपर की कैपेसिटी के संबंध में, 4 स्वीकृत आॅक्सीजन जनरेटिंग प्लांट में से 1 बनकर तैयार हो गया है लेकिन क्या और 10 आॅक्सीजन जनरेटिंग प्लांट के विषय पर माँग रखी। 4 लेवल के लैब की स्थापना रायपुर मेडिकल कॉलेज में पर भी उन्होंने अपनी बात कही, इसके साथ ही रेमडेसीविर की इंटरस्टेट अनुमति के लिए प्रतिबंध ना लगाने का उल्लेख लिया। रेमडेसीविर के जो भी आर्डर हैं यह भी कहीं रुकें नहीं इस विषय में ग्रह, स्वास्थ्य या फामार्सूटिकल जिस भी मंत्रालय के अंतर्गत आदेश जारी करने की बात कही।

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