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कभी पत्रकार, कभी अफसर बनकर वसूली:अनूपपुर में दुकान खुली होने पर दो व्यापारियों से ढाई-ढाई हजार रुपए वसूले

जबलपुर, यशभारत।  मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के आदिवासी बाहुल्य ग्राम में कोरोना कर्फ्यू के दौरान फर्जी अफसर व पत्रकार बनकर व्यापारियों से नियम तोड़ने के एवज में अवैध वसूली की जा रही थी। गिरोह में एक महिला सहित चार युवक शामिल रहे। राजेंद्रग्राम तहसील के बसही गांव में दो व्यापारियों से ढाई-ढाई हजार रुपए की अवैध वसूली के दौरान एक व्यापारी को कार के नंबर में छत्तीसगढ़ का पंजीयन होने पर शक हुआ। पुलिस को शिकायत की तो भांडा फूट गया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

आदिवासी बाहुल्य बसही गांव के व्यापारी मोहनलाल ने बताया कि 14 मई को गांव में एक महिला सहित चार लोग अधिकारी बनकर आए। बोले नियम विरुद्ध दुकान खोले हो, पांच हजार रुपए जमा करो। उस समय दुकान में ढाई हजार रुपए ही थे। वह राशि दे दी। तभी कार से दूसरे दुकानदार के पास जाने के दौरान नंबर पर नजर गई। कार का पंजीयन क्रमांक CG 10 MM 5884 था, जो कि छत्तीसगढ़ का है। कार का नंबर देखकर राजेंद्रग्राम पुलिस को सूचना दी। इस बीच चारो फर्जी अधिकारी समीप के दुकानदार शंकरलाल यादव से कोरोना कर्फ्यू के नाम अवैध वसूली कर रहे थे। उससे भी ढाई हजार रुपए वसूल किए और तभी पुलिस पहुंची। चारों आरोपियों को पूछताछ के लिए थाने ले गई।

तीन आरोपी अमरकंटक और एक सागर का

राजेंद्रग्राम थाना प्रभारी नरेंद्र पाल ने बताया कि आरोपी राजेंद्र प्रसाद (38) निवासी वार्ड 17 मकरौनिया सागर, अश्विनी दुबे (24) वार्ड क्रमांक 11 अमरकंटक, अशोक साहू (31) वार्ड क्रमांक 10 अमरकंटक व सुषमा धुर्वे (28) वार्ड क्रमांक 14 अमरकंटक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से प्रेस के फर्जी आइडी कार्ड, हूटर, कैमरा, मोबाइल सहित चार हजार रुपए बरामद किया गया है। चारों आरोपियों ने बताया कि कोरोना कर्फ्यू के दौरान फर्जी अधिकारी व कभी-कभी पत्रकार बनकर लोगों से नाजायज तरीके से वसूली कर रहे थे। अलग-अलग धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।

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