कटनी के आसमान में मंडरा रहे तीन सैकड़ा गिद्ध्र, रीठी, विजयराघवगढ़ और कटनी में की जा रही गणना

कटनी, यशभारत। जिले में तीन दिवसीय गिद्धों की गणना का कार्य कल यानि शुक्रवार से शुरू हो गया। पहले दिन वन विभाग और पर्यावरण सफाई मित्रों ने विजयराघवगढ़, रीठी और कटनी में गिद्धों की गणना की। बताया जाता है कि इस दौरान 204 गिद्ध मिले हैं, जिसमे विजयराघवगढ़ में 157 वयस्क और 18 बच्चे शामिल है। यहां 68 घोसले भी चिन्हित किए गए। रीठी में 12 और कटनी में 7 वयस्क गिद्ध मिले। आज शनिवार और रविवार को भी गिनती का काम चलेगा। संभावना जताई जा रही है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार गिद्धों की संख्या अधिक होगी। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार तीन वर्षों की तुलनात्मक अध्ययन करें तो पाते हैं कि गिद्धों के हिसाब से यहां के क्षेत्र अनुकूल हैं। वर्ष 2024 के गणना में 382 और 2025 की गणना में 401 गिद्ध मिले थे। गिद्धों के लिए सबसे अधिक सुरक्षित स्थान विजयराघवगढ़ क्षेत्र कहलाता है। यहां पर पिछले वर्ष 353 गिद्ध मिले थे। शुक्रवार को दिन ही जिस हिसाब से गणना के लिए अच्छा रहा। उसे लेकर वन विभाग के अधिकारी इस बात पर संभावना दे रहे हैं कि निश्चित ही इस वर्ष इनकी संख्या बढ़ेगी।
डिजिटल ऐप पर की जा रही गणना
डीएफओ गर्वित गंगवार ने बताया कि यह गणना पूरी तरह से डिजिटल है। अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया था। शुक्रवार को गणना के दौरान लगे कर्मचारी मौके पर ही गिद्धों की फोटो लेकर डेटा ऐप में अपलोड किए। कर्मचारी और अधिकारियों की टीम उन चिन्हित जगहों पर पहुंची, जहां पर गिद्धों के पाए जाने की संभावना रही। विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी कटनी में गिद्ध गणना का कार्य 20 फरवरी से 22 फरवरी तक किया जा रहा है। यह गणना वन विभाग की टीम द्वारा वन परिक्षेत्र कटनी, रीठी एवं विजयराघवगढ़ के अंतर्गत की जा रही है।






