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आज से 10 दिवसीय गणेश उत्सव की रहेगी धूम

 भक्तों की सभी बाधा दूर करेंगे मंगलमूर्ति विघ्नहर्ता गजानन

जबलपुर यश भारत। प्रथम पूजनीय मंगल मूर्ति विघ्न विनाशक भगवान गणेश की की 10 दिवसी महोत्सव का आज से आरंभ हो गया है। आज सुबह से ही शहर एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों की मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ पूजन अर्चन के लिए नजर आने लगी थी।गणेश चतुर्थी का त्योहार भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो बुद्धि, ज्ञान और सुख-समृद्धि के देवता हैं। इस दिन लोग अपने घरों में गणेश जी की मूर्ति स्थापित कर उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। गणेश मंदिरों को पर्व के लिए सजाया गया है और 10 दिनों तक विशेष पूजन अर्चन के कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अलावा गणेश भगवान के भक्त अपने घरों में मूर्ति स्थापित कर विधि विधान से उनका पूजन अर्चन करेंगे।

गणेश चतुर्थी के महत्व

– भगवान गणेश को विघ्नहर्ता माना जाता है, जो सभी बाधाओं को दूर करते हैं।
– गणेश जी की पूजा से बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है।

महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो भगवान गणेश की जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस त्योहार का महत्व और परंपरा निम्नलिखित हैं:

परंपरा

– गणेश चतुर्थी के दिन लोग अपने घरों में गणेश जी की मूर्ति स्थापित करते हैं।
– मूर्ति स्थापना के समय विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, जिसमें गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न मंत्रों और श्लोकों का जाप किया जाता है।
– गणेश जी की पूजा के दौरान मोदक, लड्डू और अन्य मिष्ठान्नों का भोग लगाया जाता है।
– गणेश चतुर्थी के दौरान लोग अपने घरों को सजाते हैं और गणेश जी की आरती करते हैं।

महत्व

– गणेश चतुर्थी का महत्व भगवान गणेश की जन्मोत्सव के रूप में है, जो बुद्धि, ज्ञान और सुख-समृद्धि के देवता हैं।
– गणेश जी को विघ्नहर्ता माना जाता है, जो सभी बाधाओं को दूर करते हैं।
– गणेश चतुर्थी का त्योहार परिवार और मित्रों के साथ मिलकर मनाया जाता है, जिससे प्रेम और सौहार्द बढ़ता है।
– गणेश जी की पूजा से बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है, और जीवन में सफलता और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

गणेश चतुर्थी का संदेश

– गणेश चतुर्थी का संदेश है कि भगवान गणेश की कृपा से हम अपने जीवन में सफलता और समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं।
– गणेश जी की पूजा से हमें बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है, जिससे हम अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।
– गणेश चतुर्थी का त्योहार हमें परिवार और मित्रों के साथ मिलकर रहने का महत्व सिखाता है।

सार्वजनिक गणेश उत्सव समितियां के द्वारा भी व्यापक तैयारियां

गणेश उत्सव का पर्व शहर की सांस्कृतिक धार्मिक परंपराओं में अपना विशिष्ट स्थान रखता है। शहर वा उपनगरीय क्षेत्र मैं आकर्षक पंडाल बनाकर गणेश उत्सव समितियां के द्वारा विद्युत शक सजा और आकर्षक झांकियां के बीच मंगल मूर्ति की प्रतिमा स्थापित की जाती है जिसके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब भी उमड़ता है। शहर की ज्यादातर गणेश उत्सव समितियों के द्वारा लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है और कुछ गणेश पंडाल में तो आज ही प्रतिमा की स्थापना कर दी जाएगी जबकि कुछ पंडालों मैं आने वाले दिनों में प्रतिमा की स्थापना और झांकियों का प्रदर्शन शुरू हो जाएगा। अनेक समितियां के द्वारा इस अवसर पर भजन संध्या सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहे हैं।

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