जबलपुरमध्य प्रदेशराज्य

अवैध रूप से मादक पदार्थ का विक्रय करने वाले दो आरोपियों को कारावास : 10 किलो से अधिक गांजा बरामद

नरसिंहपुर यशभारत। अवैध रूप से मादक पदार्थ का विक्रय करने वाले आरोपी गोकुल मेहरा पिता रामकिशन मेहरा 41 वर्ष, निवासी ग्राम पतरकुही थाना बनखेड़ी जिला नर्मदापुरम एवं कालूराम उर्फ कल्लू पिता फागूराम कतिया 47 वर्ष, निवासी ग्राम कैकरा चौकी सालीचौका थाना गाडरवारा जिला नरसिंहपुर को धारा 8 सहपठित धारा 20 (ब)(आईआई-बी) स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी प्रदार्थ अधिनियम में दोषसिद्ध पाते हुये 5-5 वर्ष के कठोर कारावास व 10-10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है।

जिला मीडिया सेल प्रभारी द्वारा बताया गया कि थाना गाडरवारा में पदस्थ उपनिरीक्षक अभिषेक पटेल को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई थी कि नाग मंदिर के पास पिपरिया रोड पनागर में हरे रंग का थैला लिये दो व्यक्ति उम्र करीबन 40 से 50 साल है, संदेहास्पद अवस्था में बैठे हैं। उक्त सूचना को रोजनामचना सान्हा में दर्ज कर उक्त सूचना से संबंधित आवश्यक कार्यवाही करने के पश्चात् हमराह स्टाफ, स्वतंत्र साक्षी एवं विवेचना किट सहित मुखबिर द्वारा बताये स्थान के लिए रवाना होने पर नाग मंदिर के पास पिपरिया रोड पनागर पहुंचकर मंदिर की आड़ में छिपकर देखने पर मुखबिर द्वारा बताये हुलिये के दो व्यक्ति रोड के किनारे खड़े होकर किसी व्यक्ति का इंतजार कर रहे थे उनके पास एक हरे रंग का थैला थाए जिन्हे घेराबंदी कर पकडक़र दस्तयाब कर उनसे नाम पता पूछने पर उन्होंने अपना नाम गोकुल पिता रामकिशन एवं दूसरे ने अपना नाम कालूराम उर्फ कल्लू पिता फागूराम बताया।

संदेही व्यक्तियों के पास गांजा होने की सूचना से उन्हें अवगत कराकर उनकी तलाशी लेने के संबंध में पंचनामा तैयार किये गये और संदेही व्यक्तियों की पृथक-पृथक तलाशी ली गई जिसमें दोनों संदेहियों के पेंट के जेब से धारा 50 एनडीपीएस एक्ट की सूचना पत्र की कार्बन प्रति पाई गई एवं दोनों संदेहियों के संयुक्त कब्जे से हरे रंग का थैला मिला। दोनों संदेहियों के संयुक्त कब्जे से बरामदशुदा हरे रंग के थैले की तलाशी गवाहों के समक्ष ली गई जिसके अंदर सफेद रंग की प्लास्टिक की बोरी के अंदर हरी पत्ती डंठल बीज युक्त नमीयुक्त मादक पदार्थ गांजा जैसा पाया गया, जिसका बरामदगी पंचनामा पृथक से तैयार किया गया। उक्त बरामद पदार्थ को समरस किया गया तथा उक्त मादक पदार्थ थोड़ा सा हरी पत्ती, डंठल बीजयुक्त गांजा निकालकर जलाकर, रगडक़र, सूंघकर, चखकर देखा गया, तीव्र गंध वाला होना पाया गया, जिसका पहचान पंचनामा तैयार कर इलेक्ट्रॉनिक तराजू का भौतिक सत्यापन करते हुये उक्त तराजू से वजन करने पर 10 किलो 400 ग्राम गांजा होना पाया गया पश्चात् उक्त मादक पदार्थ को प्रदर्श एवं थैले को प्रदर्श बी से चिन्ह्ति कर सीलबंद कर जप्त किया गया।

संदेही व्यक्तियों को गिरफ्तारी के कारणों से अवगत कराकर उन्हें गिरफ्तार किया गया और थाना वापस आकर जप्तशुदा गांजा मालखाने में जमा किया तथा अभियुक्तगण के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष सैंपलिंग की कार्यवाही की जाकर नमूने तैयार किये गये। अभियुक्तगण से जप्त मादक पदार्थ का नमूना जांच हेतु राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, सागर प्रेषित किये जाने पर परीक्षण रिपोर्ट में उक्त जप्त पदार्थ को गांजा होना पाया गया। अन्य संपूर्ण आवश्यक अन्वेषण उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

अभियोजन के द्वारा साक्षियों का परीक्षण कराया गया तत्पश्चात मौखिक तर्क प्रस्तुत किये गये जिनसे सहमत होते हुए न्यायालय द्वारा आरोपीगण गोकुल मेहरा एवं कालूराम उर्फ कल्लू कतिया को धारा 08 सहपठित धारा 20 (ब)(आईआई-बी) स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी प्रदार्थ अधिनियम में दोषसिद्ध पाते हुये 05-05 वर्ष के कठोर कारावास एवं 10-10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है। न्यायालय में शासन की ओर से मामले की पैरवी डीपीओ रामकुमार पटेल द्वारा की गई।

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